Christmas in hindi। क्रिसमस क्यों मनाया जाता है

Christmas in hindi Full Information 2022

December का महीना आने वाला है।जिसका मुख्य रूप से बच्चों को पूरे साल इंतजार रहता है।आज के इस लेख में बात कर रहे है,Christmas Day की,बच्चे Christmas का बेसब्री से इंतजार करते है। बच्चे मानते है,की सांता आयेंगे और उन लोगो के लिए ढेर सारा Gift लाएंगे। Christmas Festival को बहुत ही धूमधाम से पूरे विश्व में मनाया जाता है।क्रिसमस बहुत बड़ा त्योहार है। जिसे लोग December के महीने सर्दियों में मनाया जाता है   इस लेख में about Christmas in Hindi में दी जाएगी।

Christmas in hindi Full Information 2022
Christmas in hindi Full Information 2022


इस दिन सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं,Colleges,यूनिवर्सिटी,सभी में अवकाश रहता है। ईसाई समुदाय के लिए यह त्योहार बहुत महत्वपूर्ण रहता है। ईशाइयो के अलावा पूरी दुनिया में दूसरे धर्मो के लोग भी बड़े प्रेम से मानते है। लगभग एक महीना पहले से ही इस Festival के लिए तैयारियां शुरू हो जाती है। आकर्षक दिखने के लिए लोग घरों को सजाते है। बाजार Christmas Cards,Gift , सीनरी,Toys आदि से भर जाता है।लोग अपने घरों के बीच में Christmas के पेड़ को सजाते है।और उसको ढेर सारे उपहार जैसे chocolate, candy,ballons, घंटियां,Flowers,Lights, आदि से सजाते है।और इसे चमकदार और सुंदर बनाते है।दावत के साथ-साथ सभी लोग गीत संगीत पर झूमते नाचते है। ये बहुत ही जोश और खुशी का उत्सव है।जिसे पूरी दुनिया में मस्ती के साथ मनाया जाता है। भारत में इस फेटीवाल को लेकर लोगो में काफी उत्साह रहता है।लोग इसे Happy New Year तक मनाते है।यह त्योहार प्रेम और सौह्रद्य की मिसाल कायम करता है।


Christmas को अलग अलग देशों में अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है।भारत और इसके पड़ोसी देशों में इसे बड़ा दिन यानी महत्वपूर्ण दिन कहा जाता है।माना जाता है। कि यूरोप में गैर ईसाई समुदाय के लोग सूर्य के उत्तरायण के मौके पर त्योहार मनाते थे ।इसी दिन सूर्य के लंबी यात्रा से लौटकर आने की खुशी मनाई जाती थी इसी कारण इसे बड़ा दिन भी कहा जाता है।



    History of Christmas /about Christmas in hindi

    Christmas का Festiwal 12 दिनों तक मनाया जाता है।इस दिन ईसा मसीह का जन्म हुआ था। एन्नो डोमिनी काल के अनुसार यीशु का जन्म 7 से 2 ई. पू. के बीच हुआ था। ईसाइयों का यीशु (Nativity of Jesus) के बारे में ये मान्यता है कि यीशु माता मरियम के पुत्र के रूप में पैदा हुए थे।Christmas की कहानी मैथ्यू की धर्म शिक्षा (Gospel of Matthew) में दिए गए बाइबिल पर आधारित है।माता मरियम और युसूफ की शादी होने के बाद दोनो यहूदियों के प्रांत ब्रेथेलेहम नमक जगह में रहने लगे ।यही पर रात को यीशु का जन्म हुआ।इसी दिन आकाश में एक तारा बहुत ज्यादा चमक रहा था।इससे लोगो को एहसाह हुआ की रोम शासन से बचाने के लिए यीशु मसीह ने जन्म लिया है।और तभी से उनके जन्म को Christmas Day के रूप मे मनाते है।   माता मरियम को उनके पति सेंट जोसेफ के मदद से बेतलेहेम (Bethlehem) में प्राप्त हुए थे।लोक मान्यता के अनुसार इनका जन्म एक अस्तबल में हुआ था। जो हर तरफ खूंखार जानवरो से घिरा हुआ था।जबकि अस्तबल और जानवरो का जिक्र बाईबल में नही है।ईसाई होने का दावा करने वाले कुछ लोगो ने इस दिन को चुना क्योंकि इस दिन रोम के गैर ईसाई लोग अजेय सूर्य का जन्म दिन मानते थे ।ईसाई चाहते थे की इसी दिन यीशु का जन्म दिन मनाया जाए।जूलियन कैलेंडर और ग्रेगोरियान Calendar में 13 दिनों का अंतर है।दुनिया भर के देशों में यह 25 दिसंबर को मनाया जाता है।ब्रिटेन और अन्य राष्ट्रमंडल देशों में Christmas से अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग Dey के रूप में मनाया जाता है।

    एक मान्यता के अनुसार सबसे पहले Christmas Day 336 A.D  में रोमन के पहले ईसाई सम्राट Constantine के समय 25 दिसंबर को मनाया था। इसके कुछ समय बाद पॉप जुलियस (Pope Julius) ने 25 दिसंबर को जीसस का जन्मदिन Christmas Day के रूप में मानने का एलान कर दिया था।

    लोगो की एक और मान्यता है की 25 मार्च  को मैरी ने जब गर्भ से थी तो उन्होंने बताया था की वह नौ महिनें बाद एक अदभुत बालक को जन्म देंगी जिसका नाम जीसस होगा ।25 मार्च से नौ महीने बाद 25 दिसंबर होता है।और  तभी जीसस का जन्म हुआ तभी से 25 दिसंबर की Christmas Day मनाया जाने लगा।

    ईसा मसीह के जन्म से पहले यह भविष्यवाणी की गई थी ।की यह पुत्र दुनिया को कष्ट से मुक्ति दिलाएगा और लोगो को सही मार्गदर्शन कर सही रास्ते पर चलने की शिक्षा देगा।और पूरे संसार का उद्धार करेगा

    क्रिसमस क्यों मनाया जाता है।Why We Celebrate Christmas?

    Christmas in Hindi 

    साल 336 ईसवी में रोम में सबसे पहले Christmas Day मनाया गया था। 25 दिसंबर को ईसाई धर्म का सबसे खास पर्व Christmas Day मनाया जाता है। इस दिन ईसा मसीह यानी यीशु का जन्म हुआ था।पूरी दुनिया में अलग अलग जगहों पर Christmas का त्योहार बहुत ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। Christmas Day का इतिहास हजारों साल पुराना है।यह December के महीने में 25 december को मनाया जाता है।और लोग इसे Happy New year तक मानते रहते है।ईशाई धर्म के धार्मिक Books बाइबिल (Bibel)के अनुसार माता मरियम Mary के गर्भ से ईसाई धर्म के प्रमुख भगवान ईसा मसीह Messiah का जन्म हुआ था। इसीलिए इस त्योहार को मनाया जाता है।25 दिसंबर को पूर्वाहन होते ही "Happy Christmas Merry Christmas" से बधाई का सिलसिला जारी हो जाता है । यह दिन जीसस क्राइस्ट के जन्म दिन और एकता और सद्भाव को प्रोत्साहित करता है।यह वह समय होता है जब लोग साल को अलविदा भी कहते है।क्रिटमैस डे वह समय होता है ।जब दोस्त रिश्तेदार एक साथ हो कर पूरे उत्साह से त्योहार मनाते है।

    Christmas कैसे मनाते है? How we Celebrate Merry Christmas in hindi ?

    Christmas  पर लोग एक तरह से पेड़ को सजाते है।उसको ढेर सारे उपहार जैसे chocolate, candy,ballons, गुड़िया,Flowers,Lights, आदि से सजाते है।इस दिन लोग नए कपड़े पहनते है।चर्च में प्रार्थना करने के लिए जाते है। Christian समुदाय के लोग घरों और चर्च को साफ करते है। Christmas Tree के पास इकट्ठा होकर पूजा करते है और wish मांगते है। Christmas ईशाइयो का महत्वपूर्ण त्योहार है। यह उतना ही महत्वपूर्ण है जितना हिंदूू धर्म  में दिवाली का पर्व और मुसलमानो में ईद का त्योहार,इस दिन गिरजाधारो को विशेष रूप से सजाया जाता है।इस दिन सांता क्लॉज छोटे बच्चो को उपहार देते है।इस दिन गिरजाघरों में प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाता है। लोग एक दूसरे को बधाई देते है।बेटिकन सिटी में पॉप लोगो को दर्शन देते है। लोग एक दूसरे को उपहार तथा मिठाई का आदान प्रदान करते है।और इसे चमकदार और सुंदर बनाते है। ऐसा माना जाता है।की यह पेड़ घर की नेगेटिविटी को दूर करता है। फर के इस पेड़ को लोग क्रिटमास ट्री  कहते है। ऐसा माना जाता है की यीशु के माता पिता को शुभकामनाए देने के लिए देवतााओं ने फर के पेड़ को सितारों से सजाया था। कहा जाता है कि इस पेड़ को सजाने की परमपार  से  जर्मनी हुई थी।

    क्रिसमस ट्री का इतिहास/History Of Christmas Tree

    प्रेम और सौहार्द का यह त्योहार क्रिसमस ट्री के लिए बहुत फेमस होता है। इसी दिन पेड़ को सजाने की परंपरा चली आ रही है।क्रिसमस ट्री जीवन की निरंतरता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि क्रिट्समैस ट्री को सजाने से बच्चो की उम्र लंबी होती है। क्रिसमस ट्री को लोग लाइटों से सजाते है। 

    सदाबहार बृक्षो को सजाकर क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है।यह परंपरा जर्मनी से शुरू हुई थी।जिसमे एक बीमार बच्चे को उसके पिता ने खुश करने के लिए,पिता ने वृक्ष को सजाकर उसे गिफ्ट किया था।यह भी कहा जाता है की जब जीसस का जन्म हुआ तब खुशी जाहिर करने के लिए देवताओं ने सदाबहार वृक्ष को सुंदर तरह से सजाया था तब से यह क्रिसमस ट्री का प्रचलन शुरू हो गया।Christmas के दिन कई लोग लकड़ी से क्रिसमस ट्री बनाते है ।और उसको सजाते है। इसमें घंटिया, टॉफी, Chocolate,अलग अलग रंग के रिबन,से सजाते है।

    सांता क्लॉज Santa Claus Kaun Hain? Who is Santa Claus?

    Christmas  के मौके पर अपने सांता claus को देखा होगा जो कि लाल सफेद ड्रेस (dress)में लंबी सी सफेद दाढ़ी और लंबे  बाल रखकर और अपने कंधो में बच्चो के लिए चॉकलेट और गिफ्ट्स से भरा बैग लटकाए हाथो में Christmas बेल लिए आते है।और फिर बच्चो को गिफ्ट देते है।और आशीर्वाद देते हैं।   ऐसा माना जाता है कि सांता क्लाज उत्तरी ध्रुव पर रहते है संत निकोलस का जन्म तीसरी सदी में जीसस के मृत्यु के 280 साल बाद मायरा में हुआ था बचपन में माता पिता की मृत्यु के बाद निकोलस ने अपने आपको भगवान यीशु को समर्पित कर दिया था वह एक पादरी बने फिर बिशप उन्हे गरीब और असहाय लोगो की सेवा करना मन को सुकून देता था वह आधी रात को बच्चो को गिफ्ट दिया करते थे। दरअसल संत निकोलस को बच्चो से खास लगाव था। और वह बच्चो को उपहार देते थे।  वैसे संत निकोलस को सांता क्लॉज माना जाता है।क्योंकि वे रात के समय उपहार (Gift) बांटते थे।उन्होंने अपने समय में गरीबों और जरूरतमंद लोगों की बहुत मदद करते थे।

    क्रिसमस डे की कहानी

    अकसर आपने Gifts में मोजे वाली बात सुनी होगी।ऐसा कहा जाता है कि संत निकोलस ने एक व्यक्ति की मदद के लिए मोजे में सोना छुपा दिया था एक दिन निकोलस को पता चला कि एक गरीब आदमी की तीन बेटियां है,जिनकी शादी करने के लिए गरीब आदमी के पास पैसे नहीं है।यह बात जानकर।निकोलस उस गरीब आदमी की मदद करने के लिए एक रात वो इस गरीब आदमी के घर की छत में लगी चिमनी से सोने से भरा बैग डाल दिया। उस दौरान गरीब आदमी ने अपना मोजा सुखाने के लिए चिमनी में रखा था। इसी मोजे में सोने से भरा बैग गिरा, ऐसा उन्होंने तीन बार सोने से भरा बैग डाला। फिर आखिरी बार उस आदमी ने बैग फेकते हुए देख लिया।निकोलस ने यह बात किसी से बताने के लिए मना किया परंतु,यह बात फैल गई।और जब किसी को secret Gift मिलता लोगो को लगता यह निकोलस ने दिया है।और इस तरह निकोलस की यह कहानी Famus हो गई। तभी से मोजे में गिफ्ट छुपाने और सांता क्लॉज बनाने का रिवाज है।यूरोप में यह फेस्टिवल 12 दिनों तक बड़े ही खुसी और हर्ष के साथ मनाया जाता है।

    Christmas me card Dene ke परंपरा 

    क्रिसमस के इस त्योहार में लोग एक दूसरे को कार्ड देने की परंपरा है।यह कार्ड लोग अपने सगे संबंधियों को खुश करने के लिए देते है।दुनिया का सबसे पहला Christmas कार्ड विलियम ऐंगले द्वार 1842 में दिया गया था ।अपने परिजनों को खुश करने के लिए।इसके बाद यह परंपरा बन गई।और लोग एक दूसरे को कार्ड देने लगे ।

    Conclusion 

    आज के इस लेख में आपने Christmas in hindi क्या होता है। और about Christmas in hindi के बारे में हिंदी में जानकारी आपको दी गई है।यदि आपको यह लेख अच्छा लगा तो शेयर करे।क्योंकि इस लेख में merry christmas in hindi में पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।

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