How to Claim Bike Insurance - Bike Accident बीमा क्लेम कैसे करे?

How to claim Bike Insurance-वाहन दुर्घटना बीमा क्लेम कैसे करे?



दोस्तो जैसे जैसे समय बढ़ रहा है बाइक हर व्यक्ति के हाथो में हो गई है। बाइक(Bike) चलाते समय बहुत ही दुर्घटना(Accident) होती रहती है। उनका प्रमुख कारण होता है , तेज गति से बाहन को चलाना। बहुत से लोग बाइक चलाते है ,परंतु हेलमेट (Helmet) नही पहनते है। और चार पहिया गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट (Seat Belt) नही लगाते,वाहन चलाते  समय आपको सड़क के नियमो का पालन करना चाहिए। हर एक वाहन के लिए बीमा या इंश्योरेंस (Insurance) अनिवार्य होता है। 


How To Claim bike insurance



क्योंकि यदि बाइक या स्कूटी चलाते समय यदि कोई दुर्घटना होती है तो इंश्योरेंस कंपनी उस दुर्घटना की भरपाई कर सके। इसीलिए सरकार बीमा करवाने में ज्यादा जोर देती है ताकि यदि कोई दुर्घटना हो गई है तो वाहन के मालिक को आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े। तो इस लेख में आपको जानने को मिलेगा की how to claim bike insurance, वो भी आपकी भाषा हिंदी में, यदि आप भी गूगल में सर्च कर रहे है की How to claim Two wheeler insurance तो आप बिलकुल सही जगह पर आए है।आपको पूरी जानकारी के साथ Bike Insurance claim kaise kare का तारिका बताया है।



यदि आपकी बाइक या स्कूटी दुर्घटना ग्रस्त हो गई है या जानमाल की हानि हो गई है। तो ऐसे में आपको अपनी बाइक या स्कूटी का क्लेम लेने का तरीका पता होना चाहिए। बहुत से लोग है जो दो पहिया वाहन चलाते तो है पर उनको पता नही होता की इंश्योरेंस क्लेम (Insurance Claim) कैसे लेना है । तो आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे की कैसे आप अपने दो पहिए वाहन , बाइक और स्कूटी का क्लेम ले सकते है। आज के इस लिख में आप जानने की bike ka insurance claim kaise le।



अब जब भी आप नई बाइक या स्कूटी को खरीदने जाते है। तो आपको बीमा करवाना अनिवार्य हो गया है ।अब आपको वाहन कंपनी पहले से ही बीमा करवा कर आपको नया वाहन देती है ।उसके लिए थर्ड पार्टी( 3rd Party )बीमा 5 साल का और  फर्स्ट पार्टी (First Party) बीमा 1 साल का कंपनी करवा कर देती है।इसके लिए आपसे पैसे पहले ही ले लिए जाते है। वाहन के लिए बीमा अनिवार्य है। बीमा लेते समय या क्लेम करते समय आपको फर्स्ट पार्टी, सेकंड पार्टी, तथा थर्ड पार्टी आदि सभी के बारे में पता होना चाहिए।




Two Wheeler insurance kya hai.


दो पहिया वाहन के लिए बीमा अनिवार्य है,यदि दो पहिया वाहन की चोरी या दुर्घटना हो जाती है ,और वाहन की मरम्मत, जिस व्यक्ति का एक्सीडेंट हुआ है  उसके अस्पताल(Hospital) में भर्ती का खर्चा, उपचार या अन्य समस्यायों के कारण आर्थिक (Financial) समस्या हो सकती है, इस प्रकार वाहन मालिक को आर्थिक समस्या से बचाने के लिए बीमा की आवश्यकता पड़ती है। दो पहिया बीमा पॉलिसी एक्सीडेंट,वाहन चोरी हो जाने और उसकी मरम्मत जैसी जरूरतों के समय पॉलिसी धारक को कवरेज देती है।

What is First party insurance?फर्स्ट पार्टी बीमा क्या होता है?

यदि आप बीमा ले चुके है या लेने का सोच रहे है तो आपको फर्स्ट पार्टी बीमा के बारे पता होना चाहिए। फर्स्ट पार्टी का मतलब होता है जो वाहन का मालिक है। यानी की जिस व्यक्ति के नाम पर बाइक या स्कूटी है वह व्यक्ति फर्स्ट पार्टी कहलाएगा। फर्स्ट पार्टी बीमा में वाहन के मालिक और वाहन को कवर किया जाता है। यदि वाहन मालिक को चोट लगी है या कोई गाड़ी में टूटफूट हो गई है । तो इसमें First Party के तहत कवर होता है।


What is Second Party?सेकंड पार्टी बीमा क्या होता है ?

इंश्योरेंस में सेकंड पार्टी का मतलब होता है। खुद बीमा कंपनी जो बाइक या स्कूटी का इंश्योरेंस करती है। यानी की यदि कोई दुर्घटना होती है तो फर्स्ट और थर्ड पार्टी के आर्थिक नुकसान की भरपाई सेकंड पार्टी करती है। अपने जो एड कवर लिया होगा उसी के अनुसार क्लेम कर सकते है।


What is Third Party Insurance?थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है ?

इस प्रकार के बीमा को लाइबिलिटी (Liability insurance) बीमा भी कहा जाता है। और दो पहिया वाहन मालिक के लिए अनिवार्य है। इसमें पॉलिसी धारक को कानूनी लाइबिलिटी कवरेज दिया जाता है। यानी की थर्ड पार्टी का मतलब होता है। कोई दूसरा व्यक्ति जिसके साथ या जिसके द्वारा आपकी गाड़ी से दुर्घटना हुई है। जैसे की यदि आपकी गाड़ी से कोई दुर्घटना हो जाती है।और आपकी गाड़ी किसी दूसरी गाड़ी को टक्कर मार देती है तो उस गाड़ी का जो भी क्लेम बनेगा वह आपकी इंश्योरेंस कंपनी भरपाई करेगी यानी की सेकंड पार्टी वह Claim देगी।
यदि आपने थर्ड पार्टी बीमा करवा रखा होगा और गाड़ी चलाते समय यदि किसी दूसरे व्यक्ति के साथ  कोई दुर्घटना हो जाती है।तो ऐसे में इस दूसरे व्यक्ति को क्लेम आपकी इंश्योरेंस कंपनी देगी।



Bike ka insurance claim kaise kare /Bike insurance claim process in Hindi


1. अगर आपकी बाइक का एक्सीडेंट हो गया है। तो सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दे। और FIR दर्ज करवा दे दुर्घटना में शामिल वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लें।
 

2. यदि आपने ऑनलाइन बीमा पॉलिसी buy की है तो अब बहुत सी कंपनीज अपने ऐप्स के माध्यम से पॉलिसी बेचती है । और बीमा रिन्यू भी करती है। यदि अपने ऑनलाइन मध्यम से ली है तो। वेबसाइट या ऐप्स में जाकर क्लेम की रिक्वेस्ट डाल सकते है ।आप कंपनी के ऐप्स को अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर क्लेम की रिक्वेस्ट डाल सकते है।


3. यदि आपकी बाइक का एक्सीडेंट हो गया है तो तुरंत इंश्योरेंस कंपनी को कॉल कर के सूचना दे । बीमा कंपनी नुकसान का अनुमान लगाने के लिए सर्वे करवाती है।ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट आ कर आपके वाहन को चेक करेगा और उसकी फोटो खींच कर अपनी रिपोर्ट बनाएगा।

4. बीमा insurance कंपनी के Toll Free No. में कॉल कर निम्न जानकारी बीमा एक्जीक्यूटिव(Executive) को दे, जैसे: अपना कॉन्टैक्ट(Contact No.) नंबर ,बाइक का इंजन और चेसिस नंबर(Chassis number) एक्सीडेंट का दिन,समय और जगह एक्सीडेंट का पूरा विवरण, अपनी बाइक की Km Reading. और कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव से क्लेम रेफरेंस नंबर प्राप्त कर ले। 


5. अगर एक्सीडेंट के दौरान आपको चोट लगी है तो उसके लिए आपको कंपनी को बताना होगा और उसके लिए आपको सबूत दिखाना होगा। आपको अपने हॉस्पिटल का प्रोपर बिल बनवाना होगा।बिना बिल के आप क्लेम नही कर सकते है।



6. अगर संभव हो तो अपनी बाइक को एक्सीडेंट प्वाइंट से अपने वाहन को Tow कर कंपनी के गैराज में ले जाए।


7. इसके बाद आपको अपनी इंश्योरेंस कंपनी को क्लेम फॉर्म( Claim Form) Registration certificate, Driving licence, और अपनी आईडी प्रूव जैसे आधार कार्ड की कॉपी देनी होगी। और मिलान के लिए ओरिजनल डॉक्यूमेंट ले जाए।

8. अगर आपके वाहन की मरम्मत कंपनी के किसी सर्विस सेंटर में की जाती है तो ऐसे में आपको कैशलेश क्लेम मिलेगा।
 
9. क्लेम पास हो जाने के बाद वाहन में आए मरम्मत के खर्चे को इंश्योरेंस कंपनी भुगतान करेगी।
इसलिए बाइक या स्कूटी का बीमा अनिवार्य होता है।अपने वाहन का बीमा समय से Renew करवाते रहे।



Bike insurance claim documents

1.यदि आपके वाहन के साथ कोई दुर्घटना हो गई है तो आप कोई क्लेम लेना चाहते है। तो इसका प्रोसेस पता होना चाहिए। वाहन के इंश्योरेंस क्लेम लेने के लिए आपके कुछ डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी जैसे

2.आपके वाहन का यदि एक्सीडेंट हुआ है तो ऐसे में आपको अपने पास आधार कार्ड,पैन कार्ड, और डाइविंग लाइसेंस की कॉपी होनी चाहिए।

3. साथ ही अपना कॉन्टैक्ट नंबर ,बाइक का इंजन और चेसिस नंबर, एक्सीडेंट का दिन,समय और जगह एक्सीडेंट का पूरा विवरण, अपनी बाइक की Km Reading.

4. इसी के साथ ही वाहन की RC यानी Registration Certificate और वाहन के सभी कागजात आपको इंश्योरेंस कंपनी में देना होगा।

5. यह पर जो भी क्लेम मिलता है वह अलग अलग इंश्योरेंस पॉलिसी के हिसाब से होता है। जैसे यदि वाहन में कोई पार्ट टूट गया है । और कोई Major Damage नही है तो इस कंडीशन में ,सर्विस सेंटर(Service centre) में ही आपके वाहन को रिपेयर(Repair) कर दिया जाता है ,तो ऐसे में आपको कोई पैसे का क्लेम नही मिलेगा। 

6. और बहुत सी कंपनियों का रूल होता है की यदि गाड़ी कि रिपेयर थर्ड पार्टी से करवाई गई है तो ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी क्लेम का भुगतान बिल को देखकर करती है। ऐसे में आपके पास Valid bill होना चाहिए।

7. जब आपके वाहन का कोई एक्सीडेंट हो जाए तो इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट से संपर्क कर ले।इंश्योरेंस कंपनी का Toll Free Number याद करके रखे। क्लेम को प्रोसेस होने में बीमा कंपनी को 10 दिन से लेकर 30 दिन तक का समय लगता है।
 

 
 

Two wheeler bike या स्कूटी का बीमा कैसे करवाया जाता है।


यदि आप बाइक या स्कूटी चलाते है तो ऐसे में बीमा पॉलिसी लेना अनिवार्य है। बिना इंश्योरेंस के आप खतरे में पढ़ सकते है। इसलिए आपको देरी नहीं करनी चाहिए आज ही बीमा करवा ले।बीमा पॉलिसी लेने के लिए आपके पास valid डाइविंग लाइसेंस होना चाहिए। बीमा लेने के लिए आप को ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनो माध्यम से आप बीमा ले सकते है।


ऑनलाइन बीमा कैसे ले

ऑनलाइन बीमा लेने के लिए गूगल में सर्च कर सकते है ।और बहुत सी बीमा कंपनीज मिल जायेगी आप उन सभी के प्लान को कंपेयर करे
और premium को कंपेयर कर पॉलिसी ले सकते है। बीमा पॉलिसी लेने के लिए आपको वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और अपनी पर्सनल जानकारी दे कर खरीद सकते है।


ऑफलाइन बीमा पॉलिसी कैसे ले

बीमा पॉलिसी लेने के लिए ऑफलाइन माध्यम यानी की आप किसी बीमा कंपनी के एजेंट द्वारा बीमा पॉलिसी को खरीद सकते है। उसके लिए बीमा एजेंट को कुछ फीस दे कर पॉलिसी ले सकते है ।आपको जो भी पॉलिसी लेना है ले सकते है।


बीमा लेते समय ध्यान दे

बीमा लेते समय आपको Comprehensive शब्द के बारे में जरूर सुना होगा ।Comprehensive बीमा को पैकेज पॉलिसी भी कहा जाता है। तो आइए जान लेते है की यह कॉम्प्रिहेंसिव बीमा पॉलिसी क्या होती है। कॉम्प्रिहेंसिव बीमा का मतलब होता है की इस पॉलिसी में आपकी फर्स्ट और थर्ड पार्टी दोनो पॉलिसी की सुविधा एक साथ मिल जाती है। इसमें वाहन चोरी का क्लेम भी शामिल रहता है। यदि आपका वाहन कही चोरी हो गया है तो comprehensive insurance policy के तहत वाहन मालिक को  चोरी का क्लेम भी ले सकते है। 


Add on cover

बीमा लेते समय Add on Cover  का भी विकल्प रहता है ।यानी की आप अतिरिक्त भुगतान कर के अतिरिक्त कवरेज का लाभ ले सकते है।

Personal Accident cover:बीमा पॉलिसी में इस Add on cover को लेने से एक्सीडेंट के कारण मृत्यु या (Permanent Disability) स्थायी विकलांगता को कवर किया जाता है। जिस पर एक्सीडेंट से व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर बीमा कंपनी परिवार को मासिक इनकम के रूप में पैसा देती है।


Zero Depreciation cover: बीमा लेते समय यह बहुत महत्वपूर्ण Add on Cover है। यदि आपकी बाइक चोरी हो जाए तो उस समय यह Add on cover आपकी मदद करेगा।बीमा कंपनी वाहन खो जाने या नुकसान की स्थित में आपको वाहन की मूल वैल्यू के रूप में पैसा मिल जाता है। 

बीमा लेने के लिए एलिजिबिलिटी Eligibility

1.RC यानी Registration certificate होना चाहिए 

2.वाहन चालक 18 साल या उससे अधिक उम्र का हो


3.Citizen of India


4.Valid डाइविंग लाइसेंस होना चाहिए



दो पहिया वाहन बीमा कंपनी


1.आईसीआईसीआई लॉमबर्ड(ICICI Lombard)

2.IFFCO टोकियो

3. Oriental insurance 

4.बजाज एलियांज Bajaj Allianz Toll Free No.-18002095858

5. यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस United India insurance 

6. ShriRam General insurance

7. SBI General

8. Liberty General insurance 


Two wheeler insurance coverage


1. Third Party लाइबिलिटी


2. दो पहिया वाहन बाइक/स्कूटी का चोरी से नुकसान 


3. मानव निर्मित अपदाओ के कारण हुआ नुकसान


4. प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुआ नुकसान


5. एक्सीडेंट की वजह से वाहन मालिक और चालक को नुकसान 


6. मालिक और ड्राइवर की मृत्यु का coverage 


वाहन चलाते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए

1. वाहन चलाते समय हमे सड़क के नियमो का पालन करना चाहिए 
किसी भी वाहन को तेज गति से न चलाए,ज्यादातर दुर्घटना तेज वाहन चलाने की वजह से होती है। इसलिए गाड़ी चलाते समय अपनी Speed में नियंत्रण रखे। 

2. यदि आप चार पहिया वाहन चला रहे है तो सीट बेल्ट जरूर पहने और जो सवारी ड्राइवर के बगल में बैठी है उसे भी सिल्ट बेल्ट पहना अनिवार्य है। बहुत सी गाड़ियों में पीछे के पैसेंजर के लिए भी सीट बेल्ट की गाड़ियां आने लगी है।

3. दोपहिया वाहन चलाते समय हेल्टमेट का इस्तेमाल जरूर करे। बिना हेलमेट पहन कर वाहन ना चलाए,

4. दोपहिया वाहन में एक से ज्यादा लोगो को न बैठाए।दो पहिया वाहन में एक बाइक चलाने वाला तथा दूसरा साथ में व्यक्ति बैठ सकता है। केवल दो ही व्यक्ति सवारी करे।

5. कोई भी वाहन चलाते समय कभी भी शराब/ अल्कोहल को पीकर वाहन ना चलाए ये गैर कानूनी है।

6. वाहन चलाते समय कभी भी तेज गति से ओवर टेक न करे जब सामने रोड बिलकुल साफ हो ,सामने से कोई वाहन ना आता हुआ हो तभी ओवर टेक करे।

7. वाहन चलाते समय हमेशा ध्यान दे की बांए या दाहिने मुड़ने के लिए इंडिकेटर (Indicater) का इस्तेमाल करे। 

8. वाहन चालक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है।यदि आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस है तो आप वाहन चलाने के लिए मान्य है। नही  तो बिना लाइसेंस के वाहन ना चलाए।

9. वाहन दुर्घटना बीमा अनिवार्य है। अपनी बाइक या चार पहिए वाहन का बीमा समय से Renew करवाते रहे।

10. अंडर एज (Under Age) ड्राइविंग अपने बच्चों को बाइक या स्कूटी को चलाने का मौका न दे


FAQ:- How to claim bike insurance के संबंधित सवाल और जवाब 


1. आपको अपने वाहन का बीमा क्यों करवाना चाहिए/  बाइक इंश्योरेंस के फायदे

बाइक /स्कूटी का बीमा करवाना बहुत ही अनिवार्य है।क्योंकि एक्सीडेंट के समय यह आपको आर्थिक नुकसान से बचता है।क्योंकि एक्सीडेंट के समय अधिक खर्चों को वहन करना पड़ता है। बीमा आपको कानूनी मुशीबतो से भी बचाता है। और यह सब इंश्योरेंस क्लेम के द्वारा हानि को कवर किया जाता है 


2. इंश्योरेंस का लाभ लेने के लिए जरूरी बात।

वाहन आपके नाम पर होना चाहिए, और Regiatration Certificate (RC) Valid ड्राइविंग लाइसेंस,और polution Control Certificate होना चाहिए।

3. वाहन इंश्योरेंस में क्या कवर मिलता है

यदि आपने बीमा करवा रखा है तो आपको एक्सीडेंट के दौरान क्लेम में , पर्सनल एक्सीडेंट कवर,थर्ड पार्टी Liability और आपके वाहन को होने वाली क्षति ,इंश्योरेंस कवर में शामिल होती है।
 

4. एक्सीडेंट क्लेम कितने दिनों के बाद मिलता है।

एक्सीडेंट क्लेम को पूरा होने में लगभग 10 दिन से लेकर 30 दिन का समय लग जाता है।



Conclusion

इस लेख में बाइक insurance ka claim kase kare इसके बारे मे बहुत ही विस्तार से जानकारी दी गई है यदि आपको यह जानकारी पढ़ने में पसंद आई है। तो आप अपने दोस्तो को शेयर जरूर करे हो सकता है शायद कभी इस जानकारी की जरूरत पड़ जाए।
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