1950 के बाद बने नए राज्य ,राज्यो का पुनर्गठन

State Which Made After 1950,State Reorganisation Commission 


दोस्तो आज के इस लेख में मैं आपको 1950 के बाद बने राज्य के बारे में बताऊंगा ,अगर आप जानना चहेते है की हमारे राज्यों का निर्माण कब कब हुआ तो यह लेख आपको पड़ना चाहिए ।

State Which Made After 1950,State Reorganisation Commission 




भारत जब 1947 को स्वतंत्र हुआ स्वतंत्र होने के बाद भारत सरकार ने अंग्रेजों द्वारा सासन किए गए राज्यो को भाषायी आधार पर पुनर्गठित करने के लिए स्टेट Reorganisation Commission की इस्थापना 1953 में की थी।1950 के दशक में बने पहले राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश में राज्यो के बटवारे का आधार भाषाई था।इसके पीछे यह तर्क दिया गया की स्वतंत्रता आंदोलन में यह बात उठी थी की जनतंत्र में प्रशासन को आम लोगो की भाषा में काम करना चाहिए ताकि प्रशासन लोगो के नजदीक आ सके।

    आंध्रप्रदेश(1953)::- इस आधार पर 1953 में आंध्रप्रदेश ऐक्ट 1953 द्वारा गठन किया गया ।तत्कालीन मद्रास राज्य से अलग कर के बनाया गया।

    केरल(1956):- राज्य पुनर्गठन ऐक्ट 1956 के तहत इसका गठन हुआ था ।त्रवंकोर और कोचीन को मिला कर इसे आकर दिया गया।

    कर्नाटक(1956):- कर्नाटक राज्य पुनर्गठन ऐक्ट 1956 द्वारा इसका गठन किया गया था मसूर राज्य से इसे अलग कर कर्नाटक राज्य का नाम दिया गया था ।

    गुजरात और महाराष्ट्र (1960):- बांबे पुनर्गठन ऐक्ट 1960 के तहत इन राज्यों का गठन किया गया तत्कालीन बांबे राज्य का महाराष्ट्र और गुजरात में बटवारा किया गया।

    नागालैंड (1962) स्टेट ऑफ नागालैंड एक्ट 1962 के तहत इस राज्य का गठन हुआ ।असम से अलग करके नागालैंड का निर्माण किया गया।

    हरियाणा (1966):- पंजाब पुनर्गठन ऐक्ट 1966 के तहत हरियाणा राज्य को पंजाब राज्य से अलग करके बनाया गया।

    हिमाचल प्रदेश(1970):-स्टेट ऑफ हिमाचल प्रदेश एक्ट 1970 के तहत हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित राज्य से यह पूर्ण राज्य बना ।

    मेघालय (1971):- पहले 1969 में मेघालय 23वे संविधान संसोधन द्वारा असम में ही एक अलग उपराज्य बनाया गया ।1971 में नार्थ ईस्टर्न अरेयाज पुनर्गठन ऐक्ट 1971 द्वारा इसे पूर्ण राज्य बनाया गया।

    मणिपुर और त्रिपुरा(1971):- नार्थ ईस्टर्न एरियाज पुनर्गठन ऐक्ट द्वारा दोनो केंद्र शासित राज्य से पूर्ण राज्य बने।

    सिक्किम (1975):- 35वे संविधान संशोधन एक्ट 1974 द्वारा इसे सहयोगी राज्य का दर्जा मिला ।1975 में 36वे संविधान संशोधन द्वारा इसे पूर्ण राज्य में तब्दील किया गया।

    मिजोरम( 1986):- स्टेट ऑफ मिजोरम एक्ट 1986 द्वारा पूर्ण राज्य बनाया गया ।

    अरूणांचल प्रदेश (1986):-स्टेट ऑफ अरूणांचल प्रदेश एक्ट के तहत 1986 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला ।

    गोवा (1987):- केंद्र शासित प्रदेश गोवा ,दमन और दीव से अलगकर गोवा दमन और दीव पुनर्गठन कानून 1987 द्वारा पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया।

    छत्तीसगढ (2000):- संविधान संशोधन एक्ट 2000 के तहत नया राज्य बना मध्य प्रदेश से अलगकर इसे एक नवंबर  2000 को अलग पहचान मिली।

    उत्तराखंड (2000 ):-संविधान संशोधन एक्ट 2000 के तहत नया राज्य बना नौ नवंबर ,2000 को उत्तरप्रदेश से अलगकर इसे स्वतंत्र पहचान दी गई ।

    झारखंड (2000):- संविधान संशोधन एक्ट 2000 के तहत नया राज्य बना।15 नवंबर 2000 को बिहार से अलगकर इसे नया राज्य बनाया गया।


    पृथकता की सुलगती चिंगारी 

    तेलंगाना 1969:- में पहली बार आंध्रप्रदेश के 10 जिलों को मिलाकर तेलंगाना के गठन की मांग की गई ।30 नवंबर 2009 को तेलंगाना राष्ट्र समिति के मुखिया द्वारा आमरण अनशन पर बैठने के बाद इस राज्य के गठन प्रक्रिया में ग्रह मंत्रालय ने तेजी लाने का आश्वासन दिया।

    विदर्भ:- महाराष्ट्र के अमरावती ,अकोला भंडारा बुलदाना चंद्रपुर गढ़चिरौली गोडिया , वर्घा वाशिम और यवतमाल समेत 11 जिले को मिलाकर अलग अलग राज्य की मांग ।यह महाराष्ट्र के कुल क्षेत्रफल का 36.6 प्रतिशत और कुल आबादी का 21.3 फीसदी है।

    भोजपुर:- पूर्वी उत्तर परदेश के कुछ हिस्से विहार और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्र को मिलाकर अलग प्रदेश बनाए जाने के मांग की।

    सौराष्ट्र :-अरब सागर से सटे गुटरात के इस तटीय इलाके को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग की।

    कुर्ग:- दक्षिण पश्चिम कर्नाटक में 4100 वर्ग km क्षेत्रफल वाले हिस्से को अलग राज्य बनाए जाने की मांग।

    कोशलांचल:- पश्चिमी के दर्जनों जिलों को मिलाकर अलग राज्य बनाने की मांग इस प्रस्तावित राज्य का रकवा उड़ीसा का करीब एक तिहाई है और आबादी करीब एक चौथाई है।

    गोरखालैंड:- दार्जिलिंग तथा पश्चिम बंगाल के कुछ अन्य इलाके को मिलाकर गोरखालैंड की मांग ।80 के दशक में अलग राज्य की मांग को लेकर हुए हिंसक आंदोलन के बाद 1988 में दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल की स्थापना हुई ।2011 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के सत्ताधीन हुई सत्ता परिवर्तन के बाद गोरखा मुक्ति मोर्चा ने दार्जिलिंग गोरखा हिल counsil की जगह गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन की इस्थापना के लिए राज्य सरकार के साथ समझौता किया।

    मिथिलांचल:- भाषाई आधार पर राज्य गठन करने के प्रावधान के। तहत मैथिल बोलने वाले लोग इस अलग राज्य की मांग कर रहे है इस  नए राज्य को उत्तरी बिहार के 24 जिले और पांच जिले झारखंड से मिलाकर बनाए जाने के मांग है।

    ग्रेटर कुच बिहार:- पश्चिम बंगाल और असम के हिस्से को मिलाकर इस नए राज्य को बनाए जाने के मांग ।


    Question and Answers

    भाषा के आधार पर बनने वाला पहला राज्य कोन है ?

    Ans:-1 अक्टूबर 1953 को आंध्रप्रदेश राज्य का गठन हो गया था यह राज्य स्वतंत्र भारत में भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य है।

     

    Conclusion

    इस पोस्ट में अपने पढ़ा की राज्यो का निर्माण कब कब किया गया जो की भाषा के आधार पर राज्यो को पुनर्गठित किया गया ।आशा करता हु इस लेख को पढ़ कर आपको कुछ जानकारी मिली हो।

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