Malaria In Hindi - मलेरिया के लक्षण, प्रकार, कारण, उपचार, ईलाज, और बचाव

Malaria In Hindi

चिकित्सा विज्ञान में हुई चमत्कारी प्रगति के बावजूद मलेरिया (Malaria)पर काबू पाना तो दूर ,यह रोग तेजी से बढ़ रहे है। मलेरिया रोग एनाफिलीज मादा(Female Anapheles Mosquito) मच्छर के काटने से होता है। इस तरह के मच्छर बारिश के मौसम (Rainy season)में ज्यादा पनपते है।क्योंकि बारिश का पानी एक जगह जमा हो जाता है।जिस कारण पानी प्रदूषित हो जाता है। और यह मच्छर के पनपने का अच्छा जरिया होता है।

Malaria ka ilaaj



इसे विडंबना ही कहेंगे कि मलेरिया को नियंत्रित करने के लिए अभी तक जो भी प्रयास किए गए है। या किए जा रहे है। बे इस रोग के प्रसार को रोकने में नाकाफी साबित हुए है।तभी तो भारत समेत विकासशील देशों में इस रोग पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।



इसका कारण तब और अब के मध्य काफी फर्क है।अतीत में एक दौर था जब मलेरिया सामान्य दवाओं से ठीक हो जाता था। लेकिन अब मलेरिया पैदा करने वाले परजीवी(Parasite) प्लासमोडियम(Plasmodium) के अंदर प्रतिरोधक (Immunity )क्षमता बढ़ने से इस रोग की साधारण दवाई बेअसर हो जाती ।आज के इस लेख में जानकारी maleria in Hindi में दी गई है।


मलेरिया के उपचार की गोली


इसलिए इस रोग के इलाज के लिए नई दवाओं का उपयोग किया जाता है।जैसे आर्टिसुनेट एक ऐसा तत्व है जिसका इस्तेमाल मलेरिया की नवीनतम दवाओ में किया जा रहा है। इस तत्व से बनी दवाओ से रेजिस्टेट मलेरिया ठीक हो जाता है। और इस रोग की जटिलताएं भी काफी कम हो जाती है।



Types of malaria in Hindi 

प्लास्मोडियम नॉलेसि(Plasmodium nolesi)

प्लास्मोडियम नॉलेसि यह परिजिवी आमतौर पर दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह एक प्राइमेट मलेरिया परजीवी है। इसमें रोगी को ठंड लगने के साथ बुखार भी आता है। और रोगी को सिर दर्द ,भुख न लगना जैसे परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्लास्मोडियम फलसीपेरम (Plasmodium Falsiparum)


प्लास्मोडियम फलसीपेरम यह मलेरिया परजीवी अफ्रीका जैसे देशों में पाया जाता है। इसकी वजह से रोगी को ठंड लगती है और सिर में बहुत तेज दर्द की समस्या होती है।

प्लास्मोडियम विवैक्स(Plasmodium Vivax)

यह मलेरिया परजीवी ज्यादातर दिन के समय में कटता है। और काटने के 24 घंटे के बाद इसका असर देखने को मिलता है। इस रोग की वजह से सिर में तेज दर्द होता है। भुख नही लगती,हाथ पैरों में काफी दर्द होता है।और तेज बुखार आ जाता है।

प्लास्मोडियम ओवेल(Plasmodium ovale)

यह मलेरिया परजीवी असामान्य परजीवी है। यह पश्चिमी अफ्रीका में पाया जाता है।इसके रोगी के लक्षण नहीं दिखते है।और यह परजीवी अनेक वर्षों तक लिवर (liver) में जिंदा रह सकता है।


प्लास्मोजियम मलेरिया (Plasmodium Malaria)

यह मलेरिया परजीवी प्रोटोजोआ (protozoa)का एक प्रकार है। इस रोग के कारण रोगी को प्रत्येक चौथे दिन बुखार आ जाता है।और शरीर में प्रोटीन (Protein)की मात्रा कम हो जाती है।जिससे शरीर में सूजन आने लगती है।


Malaria symptoms in Hindi मलेरिया के लक्षण और उपाय


  1. बुखार आना
  2. ठंड महसूस होने से कापना
  3. सिरदर्द के शिकायत
  4. मांसपेशियों में दर्द 
  5. जी मिचलाना उल्टी होना या डायरिया की शिकायत 
  6. चक्कर आना
  7. थकान लगना 


जटिलताय

मलेरिया खून की कमी (Anemia) और पीलिया( jaundice)का कारण भी बन सकता है।रोग के गंभीर मामलों में यह किडनी फेल्योर और सांस संबंधी समस्यायों का कारण बन सकता है। समुचित इलाज न मिलने पर मरीज की मौत भी संभव है।


उपाय 

एनाफिलिज मच्छर सामान्यता शाम को अंधेरा होते ही या फिर सुबह के वक्त काटते है। इसलिए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करे। पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहने।


Prevention of malaria in Hindi 
मलेरिया से बचाव- Malaria se bachav

 

1.फिलहाल मलेरिया के उपचार के संदर्भ में दो समस्याओं का सामान करना पड़ रहा है। पहली समस्या यह है कि आमतौर पर मच्छरों पर अब कीटनाशक का असर नहीं हो रहा है।वही दूसरी समस्या यह है की मलेरिया के परजीवी को असरहीन करने के लिए जिन दवाओ का इस्तेमाल होता रहा है।उनमें से कई अब निष्प्रभावी साबित हो रही है।इसलिए पहले बात तो यह है की हमे मच्छरों को पनपने से रोकना है।और स्वयं को मच्छरों के काटने से बचाना है।



2.मलेरिया के मच्छर अधिकतर शाम के समय या रात में काटते है।इसलिए अपने शरीर को कपड़ो से पूरी तरह ढक कर रहे । हो सके तो शाम को घर के बाहर न जाए।



3.घर की खिड़कियों में जाली जरूर लगवाए ताकि मच्छर खिड़कियों से अंदर न आ पाएं।



4.अपने घर के आस पास पानी एकत्र न होने दे और अपने गमलों में पानी जमा न होने दे ।समय समय पर मिट्टी के तेल का छिड़काव करते रहे।



5.सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करे ।मच्छरदानी लगा कर सोए।



6.जब किसी व्यक्ति में मलेरिया के लक्षण मौजूद हो। तब उसे शीघ्र ही डाक्टर से संपर्क करना चाहिए । इन दिनों मलेरिया रोधी नवीनतम दवाई दे रहे है। घर में रोग को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पीने को देते रहे।बुखार को उतारने के लिए डॉक्टर के परामर्श से (paracetamol Tablet) युक्त दवा दे।बुखार उतरने के लिए शरीर पर पानी की स्पैंजिंग भी कर सकते है।नही रुमाल गीली कर माथे पर रखे।



Home remedies for malaria in Hindi 


गिलोय

मलेरिया के रोगी को गिलोय का काढ़ा बहुत फ़ायदा करता है।गिलोय एक तरह का बेल  है। गिलोय को पीने से बुखार में आराम देता है। गिलोय को काढ़ा बनाकर पीने से बुखार ठीक हो जाता है।


नीम

नीम का पेड़ बहुत लोकप्रिय है यह नीम का उपयोग बहुत ही जड़ी बूटियों में किया जाता है। नीम के तने की छाल का काढ़ा पीने से लाभ पहुंचता है।इससे बुखार में लाभ मिलता है। नीम के पत्ते और चार काली मिर्च एक साथ पीस ले इसको पानी में उबाल लें और छान कर पीने से लाभ मिलता है।


तुलसी 

तुलसी का पेड़ बहुत ही औषधीय गुणों से भरपूर होता है। तुलसी जिसे पूजा जाता है।यह कई बीमारियो को ठीक करने में सहायक होता है।मलेरिया में उपचार के लिए Tulsi के पत्ते 10 से 15 और 7से 8 काली मिर्च को पानी में पीस कर सुबह और शाम लेने से बुखार ठीक हो जाता है।मलेरिया के रोगी को अदरक का सेवन करने से लाभ मिलता है।


Cause of malaria in Hindi /कारण वा प्रसार


प्लास्मोडियम नामक परजीवी मादा मच्छर एनाफिलिस के शरीर के अंदर पलता है। भारत मे सबसे ज्यादा मलेरिया के संक्रमण प्लास्मोडियम वीवैक्स और प्लास्मोडियम फलसीपेराम के कारण होता है। यह परिजीवी मादा मच्छर एनाफिलिश के काटने से फैलता है। जब मच्छर किसी व्यक्ति को कटता है। तब रोग का परजीवी रक्त प्रवाह के जरिए यकृत (liver) में पहुंच कर अपनी संख्या को बढ़ाने लगता है। यह स्थती रक्त कणिकाओं RBC पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। चुकी मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाते है। इस लिए ये मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति द्वारा ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जरिए दूसरे व्यक्ति में भी संप्रेषित हो सकते है।इसके अलावा अंग प्रत्यारोपण और एक ही सिरिंज का दो व्यक्तियों में इस्तेमाल करीने से भी यह रोग फेल सकता है 


Diagnosis of malaria

1.यदि रोगी को एक दिन से ज्यादा बुखार आता है। ठंड महसूस होती है ।और हाथ पैरों में काफी तेज दर्द होता है उसके साथ ही, जी मिचलाना,थकान आदि समस्या आती है तो रोगी को तुरंत डॉक्टर से समय करना चाहिए।


2.डॉक्टर रोगी का परीक्षण कर के रोगी का ब्लड सैंपल लिया जाता है।इसी सैंपल से स्मियर तैयार किया जाता है।


3.ब्लड में मलेरिया पाए जाने पर डॉक्टर मलेरिया का Treatment शुरू कर देते है।


मलेरिया से होने वाले नुकसान Malaria nukshan 

1.मलेरिया होने से व्यक्ति के ब्लड में sugar कम हो जाती है। जिससे रोगी कोमा में जा सकता है।और उसकी मृत्यु भी हो सकती है।


2.मलेरिया होने से व्यक्ति के शरीर में खून की कमी हो जाती है ।जिससे एनीमिया होने का खतरा रहता है।मलेरिया खून में Red Blood Cell को Damage करता है।


3.मलेरिया की वजह से किडनी( Kedney Fail) होने की वजह बन सकती है।



Malaria me kya na khay मलेरिया में क्या न खाएं 

1.Maleria से ग्रशित व्यक्ति को ठंडा पानी बिलकुल नहीं पीना चाहिए और न ही ठंडे पानी से नहाना चाहिए।


2.ज्यादा मशाले दार खाना ,बाहर का ताला भुना खाना नही खाना चाहिए 


3.दही ,कोल्ड ड्रिंक,मूली ,सिकंजी आदि ठंडे पदार्थ नहीं पीने चाहिए।



Malaria me kya khana chahiye मलेरिया में क्या खाना चाहिए 

1. Malaria के रोगी व्यक्ति को सेव का फल खाना चाहिए।


2. मलेरिया के रोगी व्यक्ति को हल्का खाना जैसे खिचड़ी,दलिया,साबूदाना,आदि खाना चाहिए जो पचने में आसान है।


3. मलेरिया में अमरूद खाने से लाभ मिलता है। तुलसी के पत्ते तथा काली मिर्च को उबालकर पीने से malaria के रोगी को लाभ मिलता है।


4. विटामिन C और पोषक तत्वों से भरपूर अमरूद का सेवन करने से मलेरिया में लाभ मिलता है।


5. मलेरिया में व्यक्ति को नींबू में काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर खाने से बुखार में लाभ मिलता है।


6. मलेरिया के रोगी व्यक्ति को अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे खिचड़ी,सूप, दाल आदि का सेवन करना चाहिए।


7. रसीले फलों के साथ साथ अंकुरित बीज,अनाज और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।


Conclusion

आज के इस लेख में malaria in hindi से संबंधित सभी चीजे को उल्लेख किया है।यदि यह लेख आपको पसंद आया हो तो शेयर करे। 

Next Post Previous Post
No Comment
Add Comment
comment url